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महिला शक्ति समूह दल (MSSD) एक सामाजिक और राजनीतिक संगठन है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को सशक्त बनाना है। हम समानता, न्याय और विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं, और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

टीम का इतिहास — महिला शक्ति समूह दल (MSSD)
हमारे बारे में

महिला शक्ति समूह दल (MSSD)


महिला शक्ति समूह दल सनातन सभ्यता संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं से प्रेरित महिलाओं की प्रधानता और नेतृत्व वाली एक राजनैतिक संगठन है, जो भारत के समग्र विकास और एक नवीन राजनैतिक शासन व्यवस्था की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी प्रेरणा का श्रोत प्राचीन भारतीय दर्शन, मूल्यों, शास्त्र, वेद, पुराण, उपनिषदों व भारतीय संविधान है। हमारा सिद्धांत समस्त भारतीय जनसमुदाय के निजिता कि रक्षा, हक, अधिकार और स्वतंत्रता तथा कल्याण पर आधारित हैं। हम सरकारी और सार्वजनिक परिसंपत्तियों निजीकरण करने के कतई पक्षधर नहीं है। हमारी सरकार आने पर समस्त सरकारी, सार्वजनिक परिसंपति वापस लिए जाएंगे। क्योंकि सरकारी सार्वजनिक परिसंपत्तियों के खरीदार देश के जनता, गरीबों के मददगार नहीं हो सकती।


हमारा लक्ष्य है एक ऐसी राजनैतिक व्यवस्था का निर्माण करना, जो अत्याचार, भ्रष्टाचार, पापाचार, और अनाचार से मुक्त हो, और जिसमें प्रत्येक व्यक्ति/समूह को समान अवसर, न्याय, और मान-सम्मान प्राप्त हो सके।

और जानें

2 करोड़+

सक्रिय सदस्य

0

राज्यसभा सदस्य

0

लोकसभा सदस्य

0

विधानसभा सदस्य

50+

जिला अध्यक्ष

1000+

कार्यकर्ता

इतिहास

महिला शक्ति समूह दल का इतिहास

मनन चिंतन सभा

2022

मनन चिंतन सभा

जुलाई 2022 में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के विकास खंड ठेकमा स्थित उमरीकला ग्राम में श्रीमती मंजू कश्यप, सोनी, संगीता, कविता, सरिता और सैकड़ों स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने एक “मनन चिंतन सभा” का आयोजन किया। इस सभा में गहन चर्चा हुई:

  • समाज में पुरुषों का बढ़ता अनैतिक वर्चस्व
  • महिलाओं के राजनैतिक और सामाजिक हितों की अनदेखी
  • उन्हें अबला समझकर घर और समाज में तरह-तरह की प्रताड़ना देना
  • सामाजिक और राजनीतिक हिस्सेदारी में उपेक्षा
  • नशा, व्यसन और व्यभिचार में लिप्त पुरुषों द्वारा महिलाओं को केवल भोग की वस्तु समझना

यह महसूस हुआ कि यदि महिलाएं केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहेंगी तो समाज और राजनीति दोनों पतन की ओर जाएंगे। इसलिए यह संकल्प लिया गया कि महिलाओं को समाज और राजनीति की बागडोर संभालनी होगी।

राजनीतिक दल का गठन

2023

राजनीतिक दल का गठन

अक्टूबर 2023 में, चार हजार से अधिक महिलाओं के संगठन ‘उमंग प्रेरणा महिला संकुल स्तरीय संघ रोहुआ (ठेकमा)’ की कोषाध्यक्ष श्रीमती मंजू कश्यप के नेतृत्व में “राष्ट्रीय महिला समूह पार्टी” का गठन किया गया। दिसंबर 2023 में इसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29A के तहत चुनाव आयोग में प्रस्तुत किया गया।

चुनाव आयोग ने विकल्प के तौर पर दिए गए दस नामों में से “महिला शक्ति समूह दल” नाम को स्वीकृति प्रदान की। यह दल महिलाओं की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के उद्देश्य से बनाया गया।

संघर्ष, संकल्प और जागरूकता

2024

संघर्ष, संकल्प और जागरूकता

मार्च 2024 में आजमगढ़ जिले अंतर्गत विकास खंड ठेकमा में नारी शक्ति वंदन अभियान के तहत 20,000 से अधिक महिलाओं ने यह संकल्प लिया:

“अब महिलाएं समूह से संसद तक जाएगी और देश व समाज का नेतृत्व करेगी। नारी नेतृत्व से ही नव निर्माण संभव हो सकेगा।”
जन समर्थन और विस्तार

2025

जन समर्थन और विस्तार

महिला शक्ति समूह दल का प्रमुख उद्देश्य केवल महिलाओं को नहीं बल्कि पूरे समाज को जोड़ना है। इसका विजन है कि भारत की हर महिला और पुरुष भ्रष्टाचार व अनाचार के खिलाफ खड़े हों और समाज को नई दिशा दें।

  • भारत के सभी राज्यों की महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय सदस्य बनाना।
  • पुरुष समाज – पतियों, बेटों और भाइयों – को भी सहयोगी सदस्य बनाना।
  • भ्रष्टाचार, पापाचार और अनाचार को समाप्त करने हेतु सुपर क्वांटम कंप्यूटर आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता रोबोटिक सिस्टम (भ्रष्टाचार खत्म करने की मशीन) लागू करना।

लक्ष्य है राजनीति और समाज का पूर्ण शुद्धिकरण कर भारत को महिला नेतृत्व से एक नई दिशा देना।

हमारा पूरा इतिहास जानें

महिला शक्ति समूह दल का इतिहास

प्रस्तावना

महिला शक्ति समूह दल का इतिहास

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जुलाई 2022 का समय था। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के विकास खंड ठेकमा स्थित उमरीकला ग्राम में श्रीमती मंजू कश्यप, सोनी, संगीता, कविता, सरिता और सैकड़ों स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने एक “मनन चिंतन सभा” का आयोजन किया।
इस सभा में चर्चा का विषय था:

  • समाज में पुरुषों का बढ़ता अनैतिक वर्चस्व,
  • महिलाओं के राजनैतिक, सामाजिक हितों की अनदेखी तथा दिखावा मात्र,
  • उन्हें अबला समझकर घर और समाज में तरह-तरह की प्रताड़ना देना,
  • सामाजिक और राजनीतिक हिस्सेदारी में उपेक्षा,
  • नशा, तमाम अनैतिक व्यसन, और व्यभिचार में लिप्त पुरुषों द्वारा नारियों को मात्र सुन्दर भोग की वस्तु समझने की दुर्बल मानसिकता।
समस्या का बोध

सभा में यह महसूस हुआ कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं पर अत्याचार, अनाचार, पापाचार की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। यदि महिलाएं केवल चूल्हे-चौके और घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहेंगी तो समाज गर्त में चला जाएगा। इससे महिलाओं का दिन प्रतिदिन शोषण बढ़ता चला जाएगा और नैतिकता, मानवता और ईमानदारी का पतन होगा तथा राजनैतिक व्यवस्था भी कमजोर होगी, जिसका लाभ उठाकर बाहरी शक्तियां देश को पुनः गुलाम बना सकती हैं।

सभा में कहा गया कि हर पुरुष किसी महिला की ही कोख से जन्मा है।
यदि महिलाएं संत, महापुरुष, राजा-महाराजा, मंत्री, विधायक, सांसद जैसे विभूतियों को जन्म देकर उन्हें योग्य बना सकती हैं, तो वह समाज और राजनीति की बागडोर भी संभाल सकती हैं।
महिलाओं में आज भी दैविक और दिव्य शक्तियों का वास है। उनके पास मर्यादा, नियम, सत्यनिष्ठा और ईमानदारी है, क्योंकि महिलाएं इस सृष्टि की सृजनकर्ता हैं।

वहीं आज के अधिकांश पुरुष नशा, व्यभिचार, पान, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, गांजा, शराब, चरस, अफीम आदि के व्यसन में लिप्त हैं। वहीं अधिकांश महिलाएं इस प्रकार के व्यसन में लिप्त नहीं है। ऐसे में देश और समाज की कमान उन पुरुषों के हाथों में अब सुरक्षित नहीं रहा।
इसलिए समय आ गया है कि पुरुष प्रधान समाज के मिथक को तोड़ा जाए और महिला प्रधान समाज की स्थापना की जाए, जहां नारी शक्ति केवल असहाय नहीं बल्कि देश की कर्णधार बने।

प्राचीन महिला-प्रधान दृष्टि

सभा में यह भी कहा गया कि यह देश अनादिकाल से ही महिला प्रधान रहा है, जैसे:

  • जन्म देने वाली अपनी माता,
  • पालन करने वाली धरती माता- जिसके गोद में हम प्रतिक्षण रहते हैं।
  • राष्ट्ररूपी भारत माता- जिसके परिसीमा में हमलोग को अभय प्रदान हुआ है।
  • गाय माता– जो अपनी माता के बाद सबसे अधिक दूध पिलाया है।

इन सब के बिना इस संसार में जीवन यापन की कल्पना असंभव है। इसलिए पुरुष प्रधान परिवेश की मानसिकता सरासर अनुचित व गलत है।

सर्वसम्मत निर्णय

इस मनन चिंतन सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि –
अब महिलाएं अपना स्वयं का राजनैतिक दल बनाकर समाज की बागडोर अपने हाथों में लें, जिससे समाज पुष्पित-पल्लवित हो और स्त्री-पुरुष दोनों के सर्वांगीण उत्थान के समुचित अवसर सुनिश्चित हों।

आज की राजनीति जाती-पाती और धर्म के भेदभाव में उलझकर व्यक्ति को व्यक्ति से, जाती को जाती से और धर्म को धर्म से अलग कर रही है, जो किसी भी सभ्य समाज को विकास की जगह गर्त में ले जाएगी।

गठन एवं निर्वाचन आयोग

अक्टूबर 2024 में, चार हजार से अधिक महिलाओं के संगठन ‘उमंग प्रेरणा महिला संकुल स्तरीय संघ रोहुआ (ठेकमा)’ की कोषाध्यक्ष, जागृति प्रेरणा महिला ग्राम संगठन की उपाध्यक्ष, मां संतोषी आजीविका स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की मॉडल दीदी प्रेरणा कैंटीन की संचालिका श्रीमती मंजू कश्यप के नेतृत्व में, “राष्ट्रीय महिला समूह पार्टी” का गठन कर दिसंबर 2023 में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29A के तहत नई दिल्ली चुनाव आयोग में प्रस्तुत किया गया।
चुनाव आयोग ने विकल्प के तौर पर दिए गए दस नामों में से “महिला शक्ति समूह दल” नाम को स्वीकृति प्रदान की।

मार्च 2024 में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले अंतर्गत विकास खंड ठेकमा में नारी शक्ति वंदन अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह के 20,000 से अधिक महिलाओं ने यह संकल्प लिया कि –
“अब महिलाएं समूह से संसद तक जाएगी और देश व समाज का नेतृत्व करेगी, नारी नेतृत्व से ही नव निर्माण संभव हो सकेगा!"

प्रमुख उद्देश्य

अब इस राजनैतिक दल का प्रमुख उद्देश्यों में है:

  • भारत के सभी राज्यों में संचालित स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को दल की सक्रिय सदस्यता से जोड़ना,
  • साथ ही उनके पतियों, बेटों तथा पुरुष समाज को भी दल का सहयोगी और सदस्य बनाना,
  • और अंततः भ्रष्टाचार, पापाचार व अनाचार को समाप्त करने हेतु सुपर क्वांटम कंप्यूटर युक्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित रोबोटिक सिस्टम (भ्रष्टाचार खत्म करने की मशीन) से समाज व राजनीति का पूर्ण शुद्धिकरण करना।
हमारे आदर्श और सिद्धांत*

महिला शक्ति समूह दल सनातन सभ्यता संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं से प्रेरित महिलाओं की प्रधानता और नेतृत्व वाली एक राजनैतिक संगठन है, जो भारत के समग्र विकास और एक नवीन राजनैतिक शासन व्यवस्था की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी प्रेरणा का श्रोत प्राचीन भारतीय दर्शन, मूल्यों, शास्त्र, वेद, पुराण, उपनिषदों व भारतीय संविधान है। हमारा सिद्धांत समस्त भारतीय जनसमुदाय के निजिता कि रक्षा, हक, अधिकार और स्वतंत्रता तथा कल्याण पर आधारित हैं। हम सरकारी और सार्वजनिक परिसंपत्तियों निजीकरण करने के कतई पक्षधर नहीं है। हमारी सरकार आने पर समस्त सरकारी, सार्वजनिक परिसंपति वापस लिए जाएंगे। क्योंकि सरकारी सार्वजनिक परिसंपत्तियों के खरीदार देश के जनता, गरीबों के मददगार नहीं हो सकती। हमारा लक्ष्य है एक ऐसी राजनैतिक व्यवस्था का निर्माण करना, जो अत्याचार, भ्रष्टाचार, पापाचार, और अनाचार से मुक्त हो, और जिसमें प्रत्येक व्यक्ति/समूह को समान अवसर, न्याय, और मान-सम्मान प्राप्त हो सके।

हमारी प्रेरणा: हमारे आदर्श

  • - माता सरस्वती: ज्ञान, बुद्धि, और कला की देवी, जो हमें सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
  • - धरती माता: जिसने हम सभी के भार को सहन किया है। प्रकृति का प्रतीक, जो हमें पर्यावरण अहमियत मूल्यों, संरक्षण और स्थिरता की ओर अग्रसरित करती है।
  • - भारत माता: जिस देश की परिसीमा में हम सभी रहते हैं। राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक, जो हमें देश की नि:स्वार्थ सेवा और समृद्धि के लिए प्रेरित करती है।
  • - गौ माता: जिसने हम सभी को मईया के बाद सबसे अधिक दूध पिलाया। करुणा, सेवा, और सनातन संस्कृति का प्रतीक, जो हमें सामाजिक सद्भाव की ओर ले जाता है।
  • - देव गुरु बृहस्पति: नीति, कूटनीति, राजनीति शास्त्र के रचयिता और ज्ञान के गुरु, जो हमें शासन प्रशासन में दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता प्रदान करते हैं।
  • - भगवान श्री कृष्ण: अब तक के महान राजनैतिज्ञ, कूटनीतिज्ञ, अद्भुत अनोखे नेतृत्व कौशल, और धर्म के प्रतीक, जिनके जीवन और उपदेशों से हम नैतिकता और रणनीति सीखते हैं।
  • - श्री विदुर जी: नीतिशास्त्र और नैतिक शासन के प्रणेता, जो हमें सत्य, ईमानदारी और न्याय का पाठ पढ़ाते हैं।
  • - सनातन शास्त्र, वेद, पुराण, उपनिषद्: भारतीय संस्कृति का मूल आधार, जो हमें जीवन के उच्च आदर्शों और आध्यात्मिकता, धार्मिकता का मार्ग दिखाते हैं।
  • - भारतीय संविधान: समानता, स्वतंत्रता, और न्याय का प्रतीक, जो हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध करता है।
  • - भारत का समस्त जनसमुदाय: हमारी ताकत और प्रेरणा का स्रोत, जो हमें सभी के लिए समान अवसर और सम्मान की दिशा में कार्य करने को प्रेरित करता है।

(इन आदर्शों को दर्शाने वाली एक खूबसूरत फोटो स्लाइडर यहाँ प्रदर्शित होगी, जिसमें प्रत्येक छवि के साथ संक्षिप्त कैप्शन होगा।)

हमारा दृष्टिकोण: हमारे सिद्धांत*

महिला शक्ति समूह दल का सिद्धांत सनातन सभ्यता की मर्यादित और नैतिक राजनैतिक परंपराओं पर आधारित है। हम भगवान श्री कृष्ण, श्री विदुर जी, और देव गुरु बृहस्पति द्वारा राजनीति के लिए प्रतिपादित नीतियों को अक्षरशः अपनाते हुए एक स्वच्छ, सुंदर, पारदर्शी, और जनकेंद्रित शासन व्यवस्था की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा दृष्टिकोण है:

  • - सनातन मूल्यों का पुनर्जनन: हम सनातन संस्कृति के नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को पुनर्जनन करते हुए, वर्तमान जातिगत, धार्मिक उन्माद और स्वार्थसिद्धि हेतु गठबंधन की राजनीत और जात- जात में धर्म-धर्म में लड़ाने भिड़ाने वाले राजनैतिक व्यवस्था और पनपे भ्रष्टाचार, अनाचार अत्याचार, पापाचार से मुक्त करना चाहते हैं।
  • - जनकल्याण और समानता: प्रत्येक व्यक्ति, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म, या समुदाय से हो, सबको समान अवसर, सम्मान, सुरक्षा और न्याय प्रदान करना हमारा प्राथमिक लक्ष्य है।
  • - नवाचार और प्रौद्योगिकी: हम राजनीति के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे मुकदमाधारी/भ्रष्ट लोगों को पारंपरिक शपथों और संकल्पों से आगे बढ़कर, भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए सुपर क्वांटम कंप्यूटर युक्त और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित उन्नत रोबोटिक मशीनों का उपयोग करेंगे।
  • - संगणकतांत्रिक शासन: हम एक ऐसी अनोखी शासन व्यवस्था की परिकल्पना करते हैं, जिसमें AI और रोबोटिक्स की मदद से भ्रष्टाचार, पापाचार, अनाचार और अत्याचार को पूर्णतः समाप्त किया जा सके।
हमारी प्रतिबद्धता: भ्रष्टाचार मुक्त भारत

वर्तमान युग में भ्रष्टाचार, नैतिकता, और मानवता के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुका है। पारंपरिक उपाय, जैसे शपथ, संकल्प और लंबी कानूनी प्रक्रिया के तहत, भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त करने में असफल रहे हैं। महिला शक्ति समूह दल इस समस्या का समाधान करने के लिए एक क्रांतिकारी दृष्टिकोण अपनाएगा:

  • - AI आधारित शासन व्यवस्था: हम सरकार में आते ही सुपर क्वांटम कंप्यूटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से युक्त रोबोटिक मशीन विकसित करेंगे, जो भ्रष्टाचार, अनाचार, और अत्याचार पर पूर्ण अंकुश लगाएगी। यह मशीन मानवीय हितों को समझने वाली, नैतिकता मानवता से परिपूर्ण व पारदर्शी, निष्पक्ष, और त्रुटिरहित शासन प्रशासन व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।
  • - संगणकतांत्रिक सरकार: हमारी परिकल्पना है एक ऐसी सरकार, जो किसी खास पार्टी या राजनैतिक परिवारों में जन्मे राजकुमारों को पार्टी और सरकार में जन्मसिद्ध अधिकार के तौर पर एकाधिकार न हो। कर्म के आधार पर सबका स्वागत सम्मान हो। अर्थात भारतीय राजनैतिक व्यवस्था को लोभी, स्वार्थी, तानाशाही, हड़पनीति वाले मानवीय कमजोरियों से मुक्त करते हुए सुपर क्वांटम कंप्यूटर युक्त AI प्रणाली के माध्यम से जनता के हितों की प्रत्येक स्थानों पर रक्षा हो। यह प्रणाली न केवल भ्रष्टाचार को समाप्त करेगी, बल्कि समाज में नैतिकता, ईमानदारी, और मानवता को तकनीकी रूप पुनर्जनन तथा परिपालन को विवश करेगी। जैसे सीसीटीवी कैमरा के सामने कोई अपराध करने से डरता है ठीक उसी प्रकार इस प्रणाली में उस व्यक्ति के कर्म का पूरा ब्यौरा रहेगा।
  • - भविष्य की तैयारी: भविष्य पुराण में मानवों द्वारा उन्नत मशीनों की निर्माण संबंधी भविष्यवाणी की गई है। हम इस दृष्टिकोण को अपनाते हुए, घोर कलयुग की तमाम चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता और बढ़ावा देंगे।

भ्रष्टाचार खत्म करने की मशीन क्या है और यह कैसे काम करेगी? और जानें: [लिंक]

अनुभव

लोगो की आवाज़

“MSSD ने हमारे गाँव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत मदद की है। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि हम भी समाज के विकास में योगदान दे रही हैं।”

सीमा यादव
उत्तर प्रदेश
quote

“महिला शक्ति संगठन दल ने हमें शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। यह संगठन महिलाओं के लिए नई उम्मीद की किरण है।”

अनिता सिंह
मध्य प्रदेश
quote

“MSSD की वजह से हम महिलाओं को अपनी आवाज़ उठाने और समाज में बराबरी का हक़ पाने की ताकत मिली है।”

कविता शर्मा
बिहार
quote

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